इन प्राकृतिक दवाओं व उपचार से बवासीर का स्थाई इलाज संभव

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पाइल्स या बवासीर एक आम समस्या है| बवासीर की समस्या किसी उम्र या लिंग विशेष पर निर्भर नहीं है और इसीलिए युवा, वृद्ध, स्त्री, पुरुष सभी इस समस्या से ग्रसित दिखते हैं| समस्या की गंभीरता इसी बात से समझी जा सकती है कि रोगी गुदाद्वार के करीब जो नसे होती है उनमें सूजन और दर्द भरी जलन की शिकायत करते हैं| यह भयावह स्थिति है क्योंकि इस समस्या की वजह से रोगी को स्टूल यानी कि मल त्याग में बहुत दिक्कत होती है| बीमारी जब अत्यधिक तीव्र हो तब मल त्याग के समय रक्त स्त्राव या बिल्डिंग भी हो सकता है|

बवासीर की वेदना से त्रस्त व्यक्ति को सघन चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है, परंतु प्राथमिक तौर पर भी इस समस्या का समाधान हो सकता है| अगर आप या आप के कोई निकटवर्ती बवासीर से पीड़ित है तो एकदम घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कुछ प्राकृतिक दवाओं से भी बवासीर की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है| आइए देखते हैं, यह किस प्रकार संभव है:

  • हेजल या अखरोट एक उत्तम स्तंभक का कार्य करता है जिससे सेफ्टी टीशूज को सिकुड़ने में मदद होती है| इसमें ऑक्सीकरण रोधी और प्रज्वलन (जलन) विरोधी गुण होते हैं जो बवासीर के उपचार में विशेष भूमिका अदा कर सकते हैं| अनुसंधान बताते हैं कृष्ण विच हेज़ल थोड़ी मात्रा में कपास पर लगा कर हल्के हाथों से प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से काफी हद तक राहत मिलती है|

  • नारियल का तेल एक अच्छे मॉइस्चराइजर का काम करता है| जब कभी आपको बवासीर के चिन्ह प्रतीत हो, इसे लगाने से खुजली व सूजन मैं आराम मिल सकता है|

  • एलोवेरा के मेडिसिनल लाभ अब कोई रहस्य नहीं है. कई शोधों में यह पाया गया है कि एलोवेरा में भी प्राकृतिक रूप से जलनविरोधी कारक होते हैं, जो बवासीर से निजात दिलाने में मदद करते हैं| इसके उत्तम लाभ के लिए आवश्यक है कि एलोवीरा शुद्ध कोटी का हो|

उपरोक्त प्राकृतिक इलाजों के साथ अगर आप खानपान पर विशेष ध्यान देंगे और अत्यधिक मसालेदार या गरिष्ठ भोजन की अपेक्षा सात्विक भोजन लेते रहेंगे तो बवासीर की तकलीफ से आपको अधिक जल्दी छुटकारा मिल सकता है| इन उपायों को अपनाएं और बवासीर से छुट्टी पाए!